सामाजिक अनुरूपता का अभाव (Lack of Social Conformity)

परिभाषा: सामाजिक अनुरूपता क्या है?

सामाजिक अनुरूपता (Social Conformity) का अर्थ है – समाज द्वारा बनाए गए अलिखित नियमों, रीति-रिवाजों, व्यवहारों और भावनाओं को बिना सवाल किए मान लेना।

  • जब कोई मरता है → रोना चाहिए।
  • जब कोई प्यार करता है → शादी का वादा करना चाहिए।
  • जब कोई बॉस ऑफर देता है → खुश होना चाहिए और ‘हाँ’ कहना चाहिए।
  • जब कोर्ट में खड़े हों → पश्चाताप दिखाना चाहिए और ईश्वर पर भरोसा रखना चाहिए।

मर्सो में इसी ‘चाहिए’ (should) का पूर्ण अभाव है। वह वही करता है जो वह ‘है’ (is), वह नहीं जो समाज उसे ‘होने’ के लिए कहता है।


‘द आउटसाइडर’ में सामाजिक अनुरूपता के अभाव के स्पष्ट उदाहरण:

1. अंतिम संस्कार का दृश्य (शोक न करना)

  • समाज का नियम: पुत्र का कर्तव्य है कि वह माँ की मृत्यु पर विचलित हो, रोए, शव को अंतिम बार देखे, और रात भर जागरण करे।
  • मर्सो का व्यवहार: वह शव को देखने से मना कर देता है। वह अंतिम संस्कार के दौरान कॉफी पीता है, सिगरेट पीता है, और नींद आने पर सो जाता है। अगले दिन वह कॉमेडी फिल्म देखने चला जाता है और मैरी के साथ शारीरिक संबंध बनाता है।
  • अनुरूपता का अभाव: वह ‘दुखी होने का नाटक’ (acting sad) करने से इंकार करता है, क्योंकि वह वास्तव में दुखी नहीं है।

2. मैरी के साथ संबंध (प्रेम और विवाह का खेल न खेलना)

  • समाज का नियम: यदि दो लोग एक-दूसरे को पसंद करते हैं और शारीरिक संबंध बनाते हैं, तो उन्हें ‘प्यार’ करना चाहिए, और फिर शादी करनी चाहिए।
  • मर्सो का व्यवहार: मैरी पूछती है, “क्या तुम मुझसे शादी करोगे?” मर्सो कहता है, “कोई फर्क नहीं पड़ता। हाँ, अगर तुम चाहो तो कर सकता हूँ।” जब मैरी पूछती है, “क्या तुम मुझसे प्यार करते हो?” तो वह साफ कहता है, “शायद नहीं।”
  • अनुरूपता का अभाव: वह ‘प्रेमी का नाटक’ (acting lover) करने से इंकार करता है। उसके लिए यह केवल शारीरिक आकर्षण और आदत है, कोई रोमांटिक अर्थ नहीं।

3. नौकरी का दृश्य (महत्वाकांक्षा न दिखाना)

  • समाज का नियम: हर कर्मचारी को पदोन्नति, अधिक पैसा, और बड़े शहर (पेरिस) में जाने की इच्छा रखनी चाहिए।
  • मर्सो का व्यवहार: उसका बॉस उसे पेरिस में एक बेहतर पद की पेशकश करता है। मर्सो कहता है, “मैं वहाँ जाना नहीं चाहता। मुझे यहीं ठीक है।” बॉस हैरान और निराश हो जाता है।
  • अनुरूपता का अभाव: वह ‘महत्वाकांक्षी कर्मचारी का नाटक’ (acting ambitious) करने से इंकार करता है। उसके लिए हर जगह एक जैसा है – काम, खाना, सोना।

4. मुकदमे का दृश्य (सबसे महत्वपूर्ण – पश्चाताप और धर्म का नाटक)

  • समाज का नियम: एक हत्यारे को कोर्ट में रोना-पीटना चाहिए, पश्चाताप दिखाना चाहिए, माफी मांगनी चाहिए, और ईश्वर से क्षमा याचना करनी चाहिए।
  • मर्सो का व्यवहार: वह साफ कहता है कि उसे अपने किए पर पछतावा नहीं है (हालांकि वह चाहता है कि हत्या न हुई होती)। जब पादरी (priest) उसे ईश्वर में विश्वास करने के लिए कहता है, तो मर्सो गुस्से से चिल्लाता है, “मैं ईश्वर में विश्वास नहीं करता!”
  • अनुरूपता का अभाव: वह ‘पश्चातापी अपराधी का नाटक’ (acting repentant) करने से इंकार करता है। वह झूठ बोलकर अपनी सजा नहीं घटवाना चाहता।

यह अनुरूपता का अभाव क्यों है? (दार्शनिक कारण)

  1. ‘बैड फेथ’ (Bad Faith) से बचना: दार्शनिक सार्त्र (जो कामु से प्रभावित थे) के अनुसार, जब हम समाज के नियमों को बिना सोचे मान लेते हैं, तो हम ‘बैड फेथ’ (स्वयं से झूठ) में जी रहे होते हैं। मर्सो ‘बैड फेथ’ में नहीं जीना चाहता।
  2. अस्वाभाविकता (Absurdity) की स्वीकारोक्ति: मर्सो जानता है कि सब कुछ अर्थहीन है। तो फिर रोने का नाटक क्यों करें? प्यार का नाटक क्यों करें? ईश्वर में विश्वास का नाटक क्यों करें? वह इन सबसे इंकार करता है।
  3. प्रामाणिकता (Authenticity): कामु के अनुसार, एक ‘प्रामाणिक’ (authentic) व्यक्ति वह है जो समाज के दबाव में अपने असली स्वभाव को नहीं बदलता। मर्सो प्रामाणिक है – वह वैसा ही है जैसा वह है, चाहे कीमत कुछ भी हो (यहाँ कीमत है – मौत)।

समाज की प्रतिक्रिया (सबसे दिलचस्प हिस्सा)

उपन्यास का तीखा व्यंग्य यह है कि समाज मर्सो के इस अनुरूपता के अभाव को ‘अपराध’ मानता है, न कि हत्या को।

  • अभियोजक (Prosecutor) कहता है: “यह व्यक्ति (मर्सो) अपनी माँ की मौत पर नहीं रोया। उसने शव को देखने से मना कर दिया। वह ईश्वर में विश्वास नहीं करता। क्या ऐसा व्यक्ति हत्या नहीं कर सकता?”
  • जूरी (Jury) सोचती है: “यह सही है। जो समाज के नियम नहीं मानता, वह कुछ भी कर सकता है।”

अंतिम फैसला: मर्सो को इसलिए मौत की सजा दी जाती है क्योंकि उसने ‘सामाजिक खेल’ (social game) खेलने से इंकार कर दिया। उसने रोने, प्यार करने, पश्चाताप करने, और ईश्वर में विश्वास करने का नाटक नहीं किया।

सारांश (संक्षेप में):

सामाजिक अनुरूपता का अभावइसका अर्थ
यह क्या है?समाज के अलिखित नियमों (रोना, प्यार करना, पश्चाताप करना, विश्वास करना) को मानने से इंकार।
यह क्यों है?क्योंकि मर्सो जानता है कि ये सब नाटक हैं, और वह प्रामाणिक (authentic) रहना चाहता है।
उदाहरणमाँ की मौत पर न रोना, मैरी से ‘प्यार’ न करना, पेरिस जाने से मना करना, ईश्वर को नकारना।
समाज की प्रतिक्रियासमाज इसे ‘खतरनाक’ मानता है और इसके लिए उसे मौत की सजा देता है।
कामु का संदेशजो व्यक्ति समाज के झूठे नाटक (हाइपोक्रिसी) में शामिल नहीं होता, समाज उसे सहन नहीं कर सकता।

अंतिम विचार:

मर्सो कोई विद्रोही नहीं है (वह पत्थर नहीं उठाता, नारे नहीं लगाता)। वह तो बस खुद के प्रति सच्चा (honest) है। और यही सच्चाई समाज के लिए सबसे बड़ा खतरा है।

कामु हमसे पूछते हैं: “क्या अपने असली स्वभाव के साथ जीना इतना बड़ा अपराध है कि उसकी सजा मौत हो?”

‘द आउटसाइडर’ का जवाब है – “हाँ, अगर तुम समाज के झूठे नियमों के खिलाफ जाओगे, तो समाज तुम्हें मार डालेगा।”

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