ब्रह्मांड को समझने का नया नज़रिया – क्वांटम सूचना के चश्मे से (Vedral के इंटरव्यू अंश और वैज्ञानिक प्रयोगों के साथ)
क्या ब्रह्मांड सिर्फ परमाणुओं और ऊर्जा से बना है? या इसके पीछे कुछ और बुनियादी चीज है? भौतिक विज्ञानी Vlatko Vedral अपनी किताब Decoding Reality में कहते हैं —
ब्रह्मांड मूल रूप से “क्वांटम सूचना” से बना है।
1. “It from Bit” से “It from Qubit” तक
John Wheeler ने कहा था — “It from Bit” (हर भौतिक वस्तु अंत में सूचना से पैदा होती है)।
Vedral इसे आगे बढ़ाते हैं। वे लिखते और बोलते हैं कि ब्रह्मांड क्लासिकल बिट्स से नहीं, बल्कि क्वांटम बिट्स (Qubits) से बना है।
Vedral का इंटरव्यू अंश (The Guardian, 2010):
“Information is the only concept capable of almost explaining itself… I’d like to explain the origin of God.”
यानी सूचना खुद अपनी उत्पत्ति समझा सकती है। बाहरी रचयिता की जरूरत नहीं पड़ती।
2. सूचना मिटाने में भी ऊर्जा लगती है (Landauer’s Principle)
Rolf Landauer ने 1961 में कहा था कि सूचना मिटाने के लिए न्यूनतम ऊर्जा खर्च होती है:
E=kTln2
Vedral का अनुभव: उन्होंने बताया कि जब उन्होंने Landauer का पेपर “Information is physical” पढ़ा, तो वह उनके लिए “लाइट-बल्ब मोमेंट” था। उन्होंने महसूस किया कि सूचना कोई काल्पनिक चीज नहीं, बल्कि भौतिक है।
वैज्ञानिक प्रयोग:
- 2012 (Nature): फ्रांसीसी वैज्ञानिकों ने एक छोटे कोलॉइडल कण को ऑप्टिकल ट्वीजर्स से दो कुओं वाले पोटेंशियल में रखकर सूचना मिटाने का प्रयोग किया। उन्होंने साबित किया कि लंबे समय तक धीरे-धीरे मिटाने पर गर्मी Landauer की सीमा के बराबर ही निकलती है।
- बाद में नैनोमैग्नेटिक बिट्स, सिंगल आयन और क्वांटम सिस्टम पर भी यह सिद्धांत सत्यापित हो चुका है।
3. Maxwell’s Demon और सूचना की कीमत
Maxwell का दानव अणुओं को छांटकर अव्यवस्था कम करने की कोशिश करता है। लेकिन अपनी याददाश्त साफ करते समय वह उतनी ही एन्ट्रॉपी पैदा कर देता है।
आधुनिक प्रयोग:
- सुपरकंडक्टिंग सर्किट्स और सिंगल-इलेक्ट्रॉन डिवाइस से Quantum Maxwell Demon बनाए गए हैं। इनमें साफ दिखाया गया कि जब दानव की मेमोरी मिटाई जाती है, तभी सिस्टम की एन्ट्रॉपी बढ़ती है।
- ये प्रयोग साबित करते हैं कि सूचना और ऊष्मा एक-दूसरे से अटूट रूप से जुड़े हैं।
4. क्वांटम उलझाव – ब्रह्मांड का गोंद
Vedral उलझाव (Entanglement) को सिर्फ अजीब घटना नहीं, बल्कि ब्रह्मांड की मूल संरचना मानते हैं।
उनके व्याख्यानों से: वे अक्सर कहते हैं कि क्वांटम यांत्रिकी हमें बताती है कि वास्तविकता “C-numbers” (क्लासिकल संख्याओं) पर नहीं, बल्कि “Q-numbers” (क्वांटम संख्याओं) पर आधारित है। उलझाव ही वह कड़ी है जो सब कुछ जोड़ती है।
5. कुछ क्यों है? कुछ नहीं से कैसे?
किताब के अंत में Vedral पूछते हैं — “Why is there something rather than nothing?”
उनका जवाब: क्वांटम सूचना खुद को “कुछ नहीं” (vacuum fluctuations) से पैदा कर सकती है। सूचना अपनी ही उत्पत्ति का कारण बन सकती है।
इंटरव्यू में वे कहते हैं:
“I think information is the only concept capable of almost explaining itself, of closing this circle.”