अनुभववाद (एम्पिरिसिज़्म) क्या है?

अनुभववाद ज्ञान का एक सिद्धांत है जो कहता है कि सारा ज्ञान इंद्रियों के अनुभव (संवेदनाओं) से उत्पन्न होता है। इसका मतलब है कि हम जो कुछ भी जानते हैं, वह हमारे देखने, सुनने, छूने, सूंघने और चखने के माध्यम से आता है। जन्म के समय मानव मस्तिष्क एक ‘कोरी स्लेट’ (Tabula Rasa – तबूला रासा) की तरह होता है, और अनुभव ही उस पर लिखता है।


मुख्य बिंदु (सरल भाषा में):

  1. जन्मजात ज्ञान नहीं: अनुभववादी मानते हैं कि कोई भी विचार या ज्ञान जन्म से पहले से नहीं आता। न कोई ‘ईश्वर का आभास’ और न ही कोई ‘जन्मजात गणित’।
  2. इंद्रियाँ ही स्रोत: हमारी पाँचों इंद्रियाँ (आँख, कान, नाक, त्वचा, जीभ) ही ज्ञान के दरवाजे हैं। अगर किसी चीज़ को इंद्रियों से नहीं जाना जा सकता, तो उसे ‘ज्ञान’ नहीं कहा जा सकता।
  3. प्रयोग और अवलोकन: अनुभववाद विज्ञान की नींव है। यह कहता है कि कोई भी सिद्धांत तब तक सही नहीं है, जब तक उसे प्रयोग (Experiment) या अवलोकन (Observation) द्वारा साबित न किया जाए।
  4. अनुभव के बिना अर्थहीन: अनुभववाद के अनुसार, जो शब्द या वाक्य हमारे किसी अनुभव से नहीं जुड़े, वे केवल खोखले शब्द हैं।

प्रमुख अनुभववादी दार्शनिक:

दार्शनिकयोगदान
जॉन लॉक (John Locke)‘तबूला रासा’ (कोरी स्लेट) का सिद्धांत दिया। कहा कि मन में पहले कोई विचार नहीं होते।
जॉर्ज बर्कले (George Berkeley)कहा कि ‘अस्तित्व का मतलब है अनुभव किया जाना’ (To be is to be perceived)।
डेविड ह्यूम (David Hume)सबसे कठोर अनुभववादी। कहा कि हम ‘कारण’ (Cause) को नहीं देखते, सिर्फ घटनाओं के क्रम को देखते हैं।

उदाहरण:

  • आग का ज्ञान: अगर आपने कभी आग नहीं देखी या उसकी गर्मी नहीं महसूस की, तो आप ‘आग’ की वास्तविकता को नहीं जान सकते। किताब में पढ़ना और वास्तव में जलना – दोनों में अंतर है। अनुभववाद वास्तविक जलने (अनुभव) पर जोर देता है।
  • गणित: अनुभववादी यह नहीं कहते कि 2+2=4 गलत है, लेकिन वे कहते हैं कि यह ज्ञान भी अंततः वस्तुओं (सेब, कंकड़) को गिनने के अनुभव से आया है, न कि जन्म से दिमाग में बैठा हुआ।

अनुभववाद के विपरीत (तुलना):

अनुभववाद (Empiricism)तर्कवाद (Rationalism)
ज्ञान का स्रोत = इंद्रियाँ और अनुभवज्ञान का स्रोत = तर्क और बुद्धि (Reason)
कहता है: “देखो और महसूस करो तभी विश्वास करो।”कहता है: “सोचो और तर्क करो, अनुभव धोखा दे सकता है।”
उदाहरण: वैज्ञानिक प्रयोगशाला में परीक्षण।उदाहरण: गणित का सिद्धांत (Pythagoras theorem) जो बिना छुए साबित होता है।
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